भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। प्रकृति के साथ खिलवाड़ घातक है। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को जीने लायक बनाए रखने के लिए हम सबको व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में कार्य करना होगा। अपने जन्म-दिन, वैवाहिक वर्षगाँठ, परिजन की स्मृति तथा जीवन की अन्य उपलब्धियों पर पौधे लगा कर और उनकी देख-रेख की जिम्मेदारी लेकर प्रकृति को हरा-भरा बनाए रखने में अपना योगदान दे सकते हैं। किसान भाई धरती पुत्र हैं, धरती को बचाने की सबसे अधिक जिम्मेदारी उन पर है।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा है कि आज संकट में है, अगर हमने धरती माँ को बचाने के गंभीर प्रयास नहीं किए तो यह धरती आने वाली पीढ़ियों के रहने लायक नहीं बचेगी।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अ.भा. किरार, धाकड़, नागर, मालव सम्मेलन के समापन पर सम्मेलन स्थल पर अपशिष्ट तथा कचरे की सफाई कर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ उनकी धर्मपत्नी और अ.भा. किरार समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह चौहान, समाज के पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने भी सफाई कार्य में सहभागिता की।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में इंदौर के निकट, भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव को अध्यात्म और पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। जानापाव एक दिव्य और भव्य केन्द्र के रूप में उभर कर आएगा। राज्य शासन ने भगवान परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के साथ मंदिरों के पुजारियों के लिए मानदेय और संस्कृत विद्यालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों, जो धार्मिक संस्कारों को सम्पन्न करवाने में दक्ष हो रहे हैं, को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की है। कक्षा एक से 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 8 हजार और कक्षा 6वीं से 12वी तक के विद्यार्थियों को 10 हजार रूपए की राशि देने की पहल की गई है। पाठ्य-पुस्तकों में भगवान परशुराम की जीवन गाथा भी पढ़ाई जाएगी।
भोपाल। वैश्विक स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जन-जागृति लाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान "मिशन लाइफ" पर केन्द्रित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 जून को रवीन्द्र भवन में शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संयुक्त राष्ट्र में "Mission LiFE- Lifestyle For Environment" (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के प्रस्ताव पर इसे प्रारंभ किया गया था। इसे भारत के नेतृत्व वाले वैश्विक जन- आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रत्येक समाज को शिक्षा, उद्यमशीलता, पर्यावरण-संरक्षण, नशा-मुक्ति अभियान और बेटियों को सशक्त बनाने के कार्यों में अपना योगदान देना है। किरार-धाकड़ समाज भी इस दिशा में अपनी भूमिका को सक्रिय बनाये। समाज स्तर पर विद्यार्थियों को शिक्षा और कोचिंग के लिए बेहतर सुविधाएँ देकर उनका मनोबल बढ़ाये। समाज-बंधु यह संकल्प लें कि बेटियों का अपमान नहीं होने देंगे। उनके सशक्तिकरण के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज कलचुरी समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए और श्री सहस्त्रबाहु भगवान मंदिर के विकास एवं सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन किया। ई-8, अरेरा कॉलोनी वसंत कुंज,भोपाल स्थित मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूजा-अर्चना भी की। प्रारंभ में मुख्यमंत्री का समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं में कौशल विकास क्षमता को बढ़ा कर उन्हें रोजगार से जोड़ा जायेगा। लर्न एण्ड अर्न की तर्ज पर रोजगार के लिये कौशल सिखाने "मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ" योजना का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि प्रदेश का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बने। इसके लिये राज्य शासन ने अनेक स्व-रोजगार संबंधी योजनाएँ भी क्रियान्वित की हैं। इसी श्रंखला में यह योजना लागू की गई है, जो उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण आधारित है।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर राज्य में आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए 10 मई से 31 मई की अवधि में संचालित जनसेवा अभियान 2.0 में 60 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हो जाना एक विशेष उपलब्धि है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अभियान के दौरान मुख्यमंत्री चौहान के आहवान पर अनेक जिलों में नवाचार भी किए गए।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में आगामी सप्ताह होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों में प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के स्वीकृति-पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान कुछ बहनों को उनके निवास पर जाकर स्वीकृति-पत्र प्रदान करेंगे।